आंटी की चुदाई की शादी के पार्टी मे Aunty Ki Chudai

By | June 28, 2015

आंटी की चुदाई की
आंटी की चुदाई की
Hi कहानी लवर रीडर्स मैं हरीश मैं आप लोगो के पास एक साची कहानी पेस कर रहा हूँ,जो की कुछ दिन यानी की 8त सेप.. से 12त सेप.. तक की है क्यूंकी 8त को मैं अपनी आंटी के यहाँ शादी मैं गया था ओर 13त को ही वापस आया हूँ शादी मैं जो कुछ भी हू वो मैं आप लोगो से शेर करता हूँ. आशा हैं पिच्छली कहनिओन की तरह यह कहानी भी आप लोगो को पसंद आएगी. जेसे की मेआइं अबी ब्टाया की मैं मों कह साथ अपनी आंटी (मों की सिस्टर)के यहाँ शादी मैं हम 8त को पहुँच गये.आंटी एह शादी एक होएल मैं रखी थी. वहाँ सभी रिस्त्ेडाएर आए हुए थे. शादी के मौके पर मुझे मेरी आंटी ने गिफ्ट मे गोल्ड चैन दी वहाँ मेरी भाभी यानी मेरी आंटी की बहू जो मुझे से हमेशा मज़ाक करती थी और हम जब भी मिलते थे तो फ्लूर्ट भी करते थे.भाभी ने आंटी से चैन ले कर बोली लाइए मुझे दीजिए मई हरीश को चैन पहनती हू और आंटी के हाथ से लेकर मेरे गले मे चैन पहना दी फिर हंसकर बोली मुझे चैन कब पहेनाओगे? मैने कहा इसी समय देर किस बात का, और मैनेह तुरंत ही अपनी गले की चैन उतारकर भाभी के गले मे दल्दी. मैं ने हस्स्केर उनके कन मे बोला अब तुम मेरी हो गयी आज इस सूभ महुरत मे दोनो ने माला बदल ली है और पहना भी दी है.वो बोली मई तो आपकी पहले से ही थी लेकिन.. फिर वो शर्मा कर चैन उतरने लगी मैने कहा नही यह अब आप ही रक्खो मई नही लूँगा अब तो दूसरा गिफ्ट तुमसे लूँगा, जो तुम अब माना नही कर सकती.

वो पुकनेह लगी की क्या? मैने कहा बाद मे बतौँगा. फिर हम ताइयर होनेः आपने-2 रूम मैं कहले गये.मेरा ओर भाभी का रूम आमने सामने था.फिर हम लोग जब पार्टी हॉल मे जा रहे थे तो संयोगवास लिफ्ट मे हम अकेले ही थेय. मैनेह मौका देख सामने शीशे मे देख कर कहा आज तो सिर्फ़ तुम्ही दिख रही हो और यह बोल कर मैं ने भाभी के गाल दबा दिए वो कुछ नही बोली और फिर हुमलोग शादी के फंक्षन मे शामिल हो गये. उस रात मैं ने भाभी से खूब मज़ाक की ओर भाभी ने भी. अगले दिन जब सब मेहमान चले गये थे ओर कुछ रह गये थे मैं मों आंटी ओर कुछ रिस्त्ेदार बयएत कर बाते कर रहे त्‍ये की तभी मेरे भैया आए ओर बोले की हरीश ज़रा आपने बभी को घर ले जाओ उससे कुछ काम है फिर मैं ने भाभी को लिया ओर घर आ गये. उस समय घर मे मई और नही था. मैं ने भाभी को छाई के लिए रिक्वेस्ट की और वो चाय बनाने कालीगाई. तभी भैया भाभी के रूम मैं आया ओर भैया का कंप्यूटर पेर नेट ओं किया.मैं आपनी मैल चेआक करने लगा ओर साथ साथ उसमे पॉर्न साइट सर्च कर रहा था, तभी भाभी आकर चुपचाप पीछे से खड़ी होकर देखने लगी. मैं भी हॉट सेक्सी सीन्स का मज़्ज़ा ले रहा था अचंक मैने देखा तो वो पीछे थी, मई जैसे ही हधबडी मे पिच्चे घुमा वॉचे लेकर खड़ी थी जो पूरी ट्रे उस पर उलट गयी थी, मैने उससे जल्दी से बातरूम मे जाकर पानी से ढोने के लिए कहा, चाय गरम थी. वो जल्दी से बातरूम मे गयी और शवर ही खोल दिया ताकि जल्दी तन्ड़े पानी से आराम मिले. दरवाज़ा खुला ही था, मैने कहा पानी तेज़ चललो और टोंहे कही जलन तो नही हो रही है जल्दी से कपड़े बदल डालो यह कहते हुए मई बातरूम के पास चला गया और देखा तो भीगे कपड़ो मे वो बेहद खूबसूरत लग रही थी उसकी ब्रा ब्लाउस मे से सॉफ नज़र आ रही थी बरा मे से बूब्स बाहर आने को हो रहे थेय बूब’स का साइज़ 38 था सारी का पल्लू पूरा नीचे था. वो बोली मेरी हेल्प कीजिए ज़रा आल्मिराह से टवल ला दीजिए. मई टवल निकालने गया उसने अपनी सारी उतार दी , ब्लाउस भी खोल दिया, अब वो अपनी ब्रा खोलने के कोषीह कर रही थी लेकिन वो खुल नही रहा था. मैने उनको टोलिया पकड़ाया, उसने उसे हाथ मे लेकर हॅंगर मे पर ताँगने के बाद अपने ब्रा को खोलेने की कोसिस करने लगी. मैने बाहर से कहा मई हेल्प करूँ वो बोली हन हन जल्दी खोलिए ना चाय गरम थी ना. वो दरवाजे की तरफ पीठ कर के खड़ी हो गयी और मैने ब्रा का हुक खोल दिया. ओर कमर पर हाथ फेरते हुए कहा कही जलन तो नही हो रही अभी ठंडे पानी को बदन पर डालो फिर मैं ने शवर चला दिया. शवर के नीचे उनके बूब्स बहुत ही सेक्सी लग रहे थे उनके बूब्स उत्ते हुए थे. पूरी मस्ती आ रही थी उनको देख कर, मई भी भीग गया , फिर वो बोली आप भी भीग गये हो जल्दी कपड़े उतार लीजिए मैने फॅट से सारे कपड़े उतार कर टवल लप्पेट लिया. मेर लंड पूरा टाइट होकर खड़ा हो गया था, वो टवल मे से दिख रहा था. मैने फिर धीरे से उनके बाल गर्दन पर से हटाए मैने कहा ज़रा सामने घुमओ कही यहा जलन तो हही हो रही है.पानी ठीक से लेग्स पर भी और जाँघ पेर भी ढालो वहाँ भी चाय गिरी है मैने उनके पेटीकोत का नडा खोल दिया फिर बब्बी ने जल्दी से पेट्तीकोत उतार दिया. और फिर पानी मे नहाई, मैने कहा कहीं जलन हो रही हो तो क्रीम लगा लो बोली नही अब ठीक लग रहा है. मैने कहा अब जलन मेरे बदन पर शुरू हो गयी है, बड़ी मदमस्त लग रही थी वो, और मुझसे रहा नही जा रहा था अब मैं क्या करू कुछ समझ में नही आ रहता. मैं भाभी की कमर पर हाथ फेरने लगा और बोला मेरी जान तुम तो इतनी सेक्सी हो मैने कभी सोचा नही था. बॅक साइड से भाबी का बदन बहुत सेक्सी लग रहा था उनके फिगर का साइज़ 38 30 38 था.आज तो मुझे गिफ्ट चाहिए यह बोलकर झट से मैने पहले हाथ को चूमा और फिर उनके लीप’स को चूम लियम वो बोली क्या कर रहे हो, मैने कहा मस्ती और क्या फिर तोड़ा सा अगये पयत दबाया और उनके पास सात के खड़ा हो गया और उनके बालो को हटते हुए एक हाथ को कमर पर और दूसरे हाथ को उनके बूब्स के उपर रखते हुए उनको अपनी तरफ खिच लिया और उनसे बोला जब से मैनेनेः आपके भीगे हुए बदन को देखा है मेरा मान मे आग सी लगी है. मान बेचैन हो गया हूँ. आज मई अपनी हर कामना को पूरा करना चाहता हू. अब मैने उनके बूब्स को दबाने लगा तो वो पहले कुच्छ देर तक तो विरोध करती रही लेकिन थोड़ी देर के बाद मैने देखा की वो उम्म आ की आवाज़ेह निकालने लगी और फिर सस्स्स्स्सस्स आहह उम्म्म की मस्ती भारी एक अजीब से आवाज़ निकले लगी.वो हाला की उस वक्त भी ये दिखाने की पूरी क़ोहसिह कर रही थी की वो वैसा नही चाहती है. लेकिन उनेह माज़ा आने लगा था मैं उसके बूब्स को जोरो से दबाने लगा और फिर जीभ से चाटने लगा ओर बोला इससे सारी जलन मिट जाएगी और चारो तरफ जीभ फेरने लगा, ह क्या लग रही थी, में उनके निपल को चूस रहा था फिर उ मैने उनके बूब्स को अपने हाथों में भर लिया और उनको दबाने लगा.. मैने उनके मूह में मूह डाला और उनेह पागलो की तरह किस करने लगा. वो भी जोश में आगाय थी, आहह उ में उनके बूब्स को अपने मूह में भरने की कोशिश कर रहा था लेकिन हू इतनी बड़े थे की यह नामुमकिन था वो उधर सिसकारिया भर रही थी,, एमेम आहह क्या कर रहे हैं आआअप आह ओमम्म,, मैं भी जोश में आ गया. और मेरा टवल भी खुल दिया मेरा लंड पूरी मस्ती से खड़ा था वो देखकर बोली हरीश यह तो बहुत हिबड़ा है मीयन नही झेल सकती कितना लंबा ओर मोटा है त्म्हरे भैया का 5 इंच से ज़्यादा नही होगा पेर तुमकारा तो ओफफफफफफ्फ़ बताओ तो सही क्या साइज़ है मैं बोला ज़्यादा नही यही कोई 9 इंच लंबा ओर 5.5 इंच मोटा है ओर अब तुम डरो नहिी मेरा वाडा है ही जब यह तुम्हारी चूत मैं एक बार पूरा जाएगा तब तुम खुद ही बोलॉगी की प्ल्ज़ हरीश पूरा दल कर चूड़ो मुझे ट्रस्ट मे ज़रा एस्को आपनेह पाइयर हाथ मैं के कर तो प्यार करो फिर भाभी डरते हुए मेरे लंड को अपने हथेली से सहलाने लगी.कुछ देर बाद भाभी को आछा लग्नेह लगा तो उन्होने किस करते हुए मेरे लंड को ज़ोर से दबाया.फिर मैं ने टोलिए से उनके गीले बदन को पोछतएे हुए कहा चलिए हम आज सुहाग दिन ही मनाएँगे. अब मैने उनको अपने बहो मे उठा लिया और ले जाके बेड पर लिटा दिया, और उनेह किस किया वो बोली किस मे ही टाइम खराब करोगे या कुच्छ आगे भी. मैं उनकी एक एक निपल को चूसने लगा था और हू ज़ोर ज़ोर से चिल्ला रही थी की और ज़ोर से चूसो आआहह ऊऊहह और हू च्चटपटा रही थी. मैने दोनो हाथो से उनके बूब्स को दबा रहा था और मूह से एक एक करके चूस रहा था. फिर मैने एक हाथ से उनके चूत के बालो पर हाथ फिरने लगा. हू पैर को उच्छल उच्छल कर चिल्ला रही थी की हरीश और ज़ोर से करो, और ज़ोर से दब्ाओ, और ज़ोर से चूसो. फिर मैं उनके पूरे बदन को चूमने लगा. वो मानो नयी दुल्हन की तरह सिसकिया ले रही थी और मैं उनके पूरे बदन को किस पर किस करता चला जा रहा था. फिर मैने उनेह उल्टा लाइट दिया और उसके पिच्छाले हिस्से पर अपनी जीभ फिरने लगा. उनेह मानो स्वर्ग का आनंद मिल रहा था. मैने उनकी दोनो जाँघो के बीच भी अपनी जीभ को घूमकर उनेह मसात कर डाला और फिर उपर से नीचे तक उनेह किस किया. अब रहा नही जा रहा था. मैने अपना लंड उनको सक कारनेह को कहा तो वो बोली नही हरीश यह मेरे मूह मैं नही जा सकता मैं ने कहा ठीक है कोशिस तो करो मैं तुम्हारी चूत सक करता हूँ ओर तुम मेरा लंड फिर मैं अप्पर ओर वो नीचयए तही मैं उनकी बालो वाली चूत को जीभ डालकर सक कारनेह लगा तो वो स्वर्ग मैं ओढ़नेः लगी ओर मस्ती मीयन मेरा लंड मूह मैं जितना ले सकती थे उतना ले कर चूस रही थी उनको अब खूब मज़ा आ रहा था करीब 15 मीं बाद वो बोली हरीश मीयन झदनेः वाली उन ज़ोर ज़ोर से मेरी चूत को चोसो खा जाओ मेरी चूत को आआआअहह आज तक कभी मेरे पति ने इस तरहा मेरी चूत नही कहती आआमम यह बोलती हुए उन्होने मेरी गर्दन आपनी तंगी मैं कस ली ओर आपनी चूत अप्पर ओत्तहा दी मैं साझ गया की वो झाड़ गये है इतनी देर मैं उनकी चूत का रस मृए मूह के रास्ते मेरे गले मैं उतार गया वो शांत को चुकी थी ओर मेरा लंड अब भी चूस रही थी कुछ देर बाद मैं उत्कर उनकी टॅंगो के बीच मैं बेत गया ओर उनकी पुसी के मूह पर लंड रखा और थोड़ी देर के लिए उनेह सताने के लिए उस पर धीरे धीरे रगढ़ने लगा. उनेह इतना मज़ा आ रहा था की वो बोल नही पा रही थी पर उनके फेस से सॉफ जाहिर था की वो बेकरार हो रही थी मेरे लंड को आपनी चूत के अंदर लेने के लिए.फिर मैने उनकी चूत के मूह पर लंड रखकर एक हल्का सा धक्का मारा, वो सिहर उठी अब उनेह दर्द होने लगा. मैने उनके मूह पर झुककर उनेह किस करने लगा. उनेह वो अच्छा लगा और मैने किस्सिंग के दौरान एक और धक्का दे दिया और मेरा लंड कुछ अंदर दल दिया तो उनकी सिख निकल गये पेर मेरे किस कारनेह की वजेह से वो मेरे मूह मैं ही रह गयी मैं ने किस को चालू रक्खा उनेह इससे बहुत अच्छा लगा रा तह और मेरे डन हाथ उसके बूब्स को मशाल रहे थे. उनेह बहुत मज़ा आ रहा था. फिर मैने दूसरा धक्का दे दिया और मेरा लंड और अंदर चला गया. हू ज़ोर से चिल्लई पर मैने उसके मूह को किस से भर दिया और उसके बूब्स को ज़ोर ज़ोर से दबाने लगा. उसे तोड़ा दर्द ज़रूर हुआ पर वो मज़े लूट रही थी. और फिर थोड़ी देर उनके बूब्स सहलाने के बाद मैं एक और आखरी धक्का दे दिया और मेरा पूरा 9 इंच लंबा लंड उनके चूत के अंदर था. हू ज़ोर से सिसकारी मार रही थी अहह उईईईईईई मारीईई गैइइ माज़ा आ गया छोड़ दे याररर्ररर अहह अब मैं फिर धक्का मरने लगा धीरे धीरे अब वो मुझे आपनेह बूट’स उच्छल उच्छल कर साथ देने लगी. कुछ देर बाद मैं ने उसकेह पेर आपने कंधो पेर रखे ओर आपना पूरा लंड उसकी चूत मैं अंडर बाहर कर रहा था उनके पैर मेरे कंधे पर होने से पोज़िशन इतनी टाइट थी और मैं उनके चूत के अंदर तक चला गया था और मेरा लूंबा लंड बाबी किी चूत मैं उछाल कूद करने लगा. वो चिल्ला रही थी की बहुत बड़ा हाईईईईई “ अब बस करो “ मुझसे सहा नही जाता प्लज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़, पर मैं बस थोड़ी करने वाला था.. कुछ देर बाद उनकी चूत मैं मेरे लंड ने आपनी जागेह बना ली थी ओर अब भाभी भी मूज़े कह रही थी और ज़ोर से फक करो, आज से फेले ज़िंदगी मैं ऐसी मज़ा कभी नही आया. और मैं धक्के पे धक्के दे रहा था. और हू भी उच्छल उच्छल कर मेरा साथ दे रती थी. और मैं ज़ोर ज़ोर से अपना लंड उसकी चूत में अंदर बाहर करने लगा. हू अपने बाल नोच रही थी तो कभी अपने बूब्स को दबा रही थी बस मुझे उनके साथ आज ज़िंदगी का मज़ा लूटना था. अब वो इतनी तेज़ी से उछाल रही थी की वो उसकी चूत से फ़च फ़च की आवाज़ें पुर रूम को भरने लगे भाबी बी मेरा होसला बड़ा रही थी ओर ज़ोर से हरीश ओर ज़ोर से अब मैं झदनेः वाली हूँ तुम मुझे बहुत मज़ा दे रहा हू आहह आअम्म हा ओर ज़ोर से आआआअहह लो मैं झादीइईईईई ओर वो घाड़ गयी कुछ देर बाद करीब 15 मैं मैं परेशन हो गया था की मैं झाड़ क्यूँ नहीं रहा था 10 मिनूट बाद मैने उनकी चूत में गरम –गरम रस दल दिया और इस डॉरॅन हू भी दोबारा झाड़ गयी थी मेरा लंड अभी तक उनकी चूत के अंडर था थोड़ी देर बाद हम अलग हुए. मैने कहा मान नही भरा है. वो बोली तो करते रहो. मैने कहा की पहले तुम्हे इस लंड महाराज की सेवा करनी होगी. उसने उसे हाथ मे लेकर सहलाना कालो किया मई उसके निपल को मसालने लगा उनके निपल भी अब टाइट होने लगे थे, उन्होने मेरे लंड को चूमा फिर मूह मे ले लिया और चूसने लगी, मुझे बड़ा आनंद आ रहा था मैं भी बोल रहा था दिव्या बहभही आज इस पूरा पी लो और ज़ोर से चूस पूरी जीभ से छत, खा लो ना खूब ज़ोर से लो प्लीज़्ज़्ज़्ज़्ज़ वो भी उम्म्म्मममम करके लोल्ल्यपोप की तरह चूसे जा रही थी उसने अपनी जीभ से मेरा पूरा लंड साफ कर दिया और उसे वापस फ्रेश बनाना की तरह कर दिया. और चूस चूस के अब उसने मेरा लंड गरम लोहे की तरह बना दिया और मैं उसके और उसकी चुचियों से खेल रहा था. हू भी अब कड़क हो गयी थी. अब तुमको फिर मज़्ज़ा देता हूँ और उसे बोला की अब मैं तुम्हे डॉग्गी स्टाइल मे छोड़ूँगा. वो बोली कैसे ?मैने कहा अरे पागल आज तक ऐसे नही करवाया तो क्या मस्ती मिली रे, रोज नई नई स्टाइल से छोड़ने का आनंद लेना च्चािए मेरी जान. बोली तो करो नई नई स्टाइल आज मेरे उपर, देलकून तो सही.मैने उसे उसके दोनो हाथ को साइड मे रखी टेबल पर जमा दिए और बोला की अब तोड़ा झुक जाओ. फिर मैने उनेह डॉग्गी स्टाइल में खड़ा कर दिया और पिच्चे से उनके दोनो बूब्स को पकड़कर मसल डाला और अपना लंड उनकी दोनो थाइस के बीच मैं डालकर फिर मैने अपने लंड को उनकी चूत पर तोड़ा रगड़ा और उसे गरम किया. फिर मैंने आपना पूरा लंड एक ही झटके मैं अंदर दल दिया और मेरे हाथ उनके बूब्स को मसल रहे थे,निपल को पकड़ कर खींच रहा था मसल रहा था, इस स्टाइल मैं उनेह दोनो तरफ से इतना मज़ा आ रहा था वो अहह खरती जा रही थी बोल रही थी करते रहिए रुकिये नही, अब मेरा लंड उनकी चूत मे स्क्रू की तरह चला गया था और फिट हो गया था, इस से उनेह इतना एरेक्षन और एग्ज़ाइट्मेंट हो रहा था. मुझे भी इतना आनंद आ रहा था. अब मैने उनसे कहा की अब मेरी हॉर्स पवर देखो तुम्हे घोरे की तरह छोड़ूँगा. मैने अपनी पोज़िशन के लिए उनके बूब्स को ज़ोर से पकड़ लिया और धक्का देने लगा. हू भी अपनी गंद को पिच्चे कर कर के मेरा पूरा लंड खाना चाहती थी. अब मैं भी ज़ोर ज़ोर से धक्के देने लगा. उसके गोल गोल बटक्स को धक्के देने मे मज़ा आ रहा था वो बोल रही थी चल मेरे घोरे फटा फॅट और ज़ोर से और जोरे आज तेरी दिव्या मस्त हो गयी है हरीश आज मान गयी तुझको आज तक इतना ज़ोर का मज़्ज़ा नही आया. अब मेरा वक़्त आ गया था की कभी भी मैं अपना लोड छ्चोड़ सकता था. और हू भी अब ज़रने वाली थी. मैने अब उसकी गंद को दोनो हाथो से पकड़कर धक्के देना चालू किया. और हू भी काफ़ी एग्ज़ाइट्मेंट में चिल्ला रही थी आआहह ऊफफफ्फ़ ईईसस्स्सस्स और ज़ोर से धक्का मरो मेरी चूत फाड़ दो. फिर हम दोनो एक साथ झाड़ गइईईई. और हम धीरे धीरे अलग हुए और उनके साथ अब मैने उन से थोड़ी इधर उधर की बातें की उनको कैसा लगा और बोला अच्छा एक नयी स्यले और है करना चावगी –वो बोली क्या जल्दी बोलो जो करना है जैसे करना है बस करते जाओ कुछ ना पुच्च्ो मेरी हरीश. मैने कहा की क्या मैने तुम्हारे बूब्स को फक कर सकता हूँ? तो वो बोली कैसे ? मैने उनेह बताया की मैं तुम्हारे बूब्स को पकड़कर उसे भिच दूँगा और मैं उस में से अपना लंड घुसकर बूब्स फक करूँगा. मैने उनेह बताया की तुम तुम्हार निपल मेरे लंड के आगे पिच्चे होने से निपल और बूब्स दोनो को मज़ा आएगा. तो हू बोली, की ठीक है, चलो आजमाते है. फिर मैने उसे सोफे पर लिटा दिया और उनकी कमर तक आ गया और उनेह अपने बूब्स को दोनो हाथो से दबाकर दोनो को भींच दिया. मैने उनके बिच मे से अपने लंड के लिए जगह बनाई और उस में दल कर अंदर बाहर किया. उनेह पहले मज़ा नही आया, पर बाद में उनकी निपल धीरे धीरे कड़क हो गयी और मई अब ज़ोर ज़ोर से बूब’स चूड़नेः लगा और मई भी उनके बूब्स को और दबाने लगा तो बहुत मज़्ज़ा आने लगा बित्टच बिच मे मेरा कुंड उनके होतो को भी चू लेता था उनेह चुचियो की चुदाई का मज़ा आ गया. और उन्होने मेरा लंड अपने मूह मे भर लिया और चूसने लगी मई उनके निपल मसल रहा था एक हाथ से उनकी चूत को मसल रहा था वो भी बुरी तरह एग्ज़ाइट हो गयी थी, अब मैने कुंड उनके मूह से बाहर निकाला क्योकि मई झड़ने वाला था. और मैने अपने लंड का फाउंटन उनके बूब्स पर छ्चोड़ दिया. और मुझे इस से इतना मज़ा आया की, क्या बतौ. फिर मैं उनेह लिपटकर अपनी गोदी में बिता लिया और मेरा लंड उनकी दोनो गंद के बीच मे डालकर पिच्चे से उनकी किस करता, उनेह सहलाता, उनके बूब्स, उनकी चूत, सब को चूमता,चट्टा, दबाता, उंगली करता हुआ उन से बात करता और उसे छ्चोड़ना नही चाह रहा था., मैने और उनेह इसी पोज़िशन में सोफे पर जाके एक दूसरे पर लेट गये और चुम्मा छाती करने लगे.मुझे मानो आज जन्नत और उसमे हूर की पारी मिल गयी थी और उनेह उसका नज़ारा देखने को मिल गया था. हम दोनो एक दूसरे की बाहों में आ गिरे उर बिस्तर पर लेट गये. मैं नीचे और हू उपर और मैने उनेह अपनी बाहों में भर लिया. और उनेह किस करने लगा. वो बोली ऐसे शानदार मस्ती मुझे आज तक नही मिली. मैने कहा की मेरी जान जब मौका डोगी तो इससे भी जोरदार स्टाइल मे करूँगा, सोचती रह जाओगी. आज से तुम मेरी हो गयी हो ना, जब बुलाओगी तो हाज़िर हो जौंगा मेरी जान.. और मैने एक ज़ोर का चुम्मा लिया और उसकी जीभ भी चूस ली. थोड़ी देर बाद हम दोनो उठे और अपने कपड़े बदल लिए और बोले की जब भी मौका मिलेगा, हम डन इस तरह के मज़े लूटते रहेंगे.

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